पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मोहाली के सोहाना क्षेत्र में कबड्डी मैच के दौरान खुलेआम फायरिंग की घटना में मशहूर कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की हत्या को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया जा रहा है। खेल मैदान में हुई इस हिंसक घटना से प्रदेश में भय और अराजकता के माहौल की आशंका गहराती जा रही है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कहा गया है कि खेल का मैदान, जहां युवाओं का भविष्य संवरता है, वहां गोलियां चलना इस बात का संकेत है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्हें न पुलिस का भय है और न ही प्रशासन का।
आरोप लगाए गए हैं कि मौजूदा सरकार के शासनकाल में पहले युवाओं को नशे की समस्या की ओर धकेला गया और अब प्रदेश में अपराध बेलगाम हो गया है। इस घटना को प्रशासनिक विफलता और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।
घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि सत्ता में रहते हुए सरकार नागरिकों की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य की रक्षा नहीं कर पा रही है, तो उसकी जवाबदेही क्या है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है और आमजन में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है।
फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था और शासन की प्रभावशीलता को लेकर बहस को तेज कर दिया है।


