पंजाब सरकार ने सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए जालंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में अनुसूचित जाति (एस.सी.) के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर राज्यभर के ढाई लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की प्रक्रिया आरंभ की गई, जिससे जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की शिक्षा और भविष्य की राह में बाधा न बने। छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपने सपनों को साकार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020-21 की तुलना में 2024-25 में छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में लगभग 35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि अधिक से अधिक छात्र सरकार की योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लागू की जा रही है, ताकि सही पात्र विद्यार्थियों तक लाभ पहुंच सके।
छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि योजना का उद्देश्य केवल स्कूल स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे कॉलेज और विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ दिया जा रहा है। इससे अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को तकनीकी, व्यावसायिक और अकादमिक शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत किया। कई विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रवृत्ति से उनकी पढ़ाई का खर्च कम होगा और वे बिना किसी आर्थिक तनाव के अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। अभिभावकों का भी मानना है कि इस तरह की योजनाएं समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में छात्रवृत्ति योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे, ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल हो और समय पर राशि विद्यार्थियों के खातों में पहुंच सके। साथ ही, शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं को भी इन छात्रों के लिए सशक्त किया जाएगा।
कुल मिलाकर, जालंधर में आयोजित यह छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम राज्य की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत हर बच्चे को समान अवसर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर भविष्य प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि पैसों की कमी के कारण कोई भी बच्चा न तो शिक्षा से वंचित रहे और न ही अपने सपनों को अधूरा छोड़े।


