पंजाब सरकार राज्य कर्मचारियों की वैध मांगों के समाधान को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह बात पंजाब के पार्लियामेंट्री अफेयर्स और एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने शिक्षा विभाग से जुड़े 13 कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के दौरान कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पहले ही कई लंबे समय से लंबित कर्मचारी मुद्दों का समाधान किया है और शेष मांगों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
पंजाब सचिवालय में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को केवल कार्यबल के रूप में नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था की रीढ़ के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है, क्योंकि इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि प्रशासनिक कार्यक्षमता भी मजबूत होती है।
बैठक के दौरान शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारी संघों ने पदोन्नति, वेतनमान, सेवा शर्तों, स्थानांतरण नीति, रिक्त पदों की भरती और संविदा कर्मचारियों से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. रवजोत सिंह ने प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि सरकार सभी मांगों का विभागीय और कानूनी स्तर पर गहन परीक्षण कर रही है।
डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में अब तक कई संविदा कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया गया है और उन्हें स्थायित्व देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार की सोच को दर्शाता है, जिसमें कर्मचारियों के हितों को सर्वोपरि रखा गया है। शेष वैध मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा विभाग राज्य के भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां कार्यरत कर्मचारियों की संतुष्टि और स्थिरता अत्यंत आवश्यक है। सरकार चाहती है कि शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करें, इसके लिए उनके कार्य से संबंधित समस्याओं का समाधान समय पर होना जरूरी है।
बैठक में शिक्षा सचिव सोनाली गिरी और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कर्मचारी संघों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट की और बताया कि किन मांगों पर पहले से कार्रवाई की जा चुकी है और किन पर प्रक्रिया जारी है। डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मामलों में पारदर्शिता और संवाद बनाए रखा जाए।
अंत में मंत्री ने कर्मचारी संघों से अपील की कि वे सरकार के साथ सकारात्मक सहयोग बनाए रखें। उन्होंने कहा कि सरकार और कर्मचारी एक-दूसरे के पूरक हैं और मिलकर ही पंजाब को प्रगति के पथ पर आगे ले जाया जा सकता है। बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई और कर्मचारी प्रतिनिधियों ने सरकार के आश्वासन का स्वागत किया।


