भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सर्वण आशीर्वाद योजना’ के तहत पंजाब के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बच्चों के लिए 100% मुफ्त कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी शुरू की।
पंजाब में बच्चों के लिए सुनने की क्षमता बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी पूरी तरह मुफ्त शुरू कर दी है।
‘मुख्यमंत्री सर्वण आशीर्वाद योजना – सुनन दा हक सबदा’ के तहत अब हर पात्र बच्चे को 100% राज्य खर्च पर इम्प्लांट डिवाइस, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती और पोस्ट-ऑपरेटिव रिहैबिलिटेशन उपलब्ध कराया जाएगा।
💰 महंगी सर्जरी अब पूरी तरह मुफ्त
निजी अस्पतालों में कॉक्लियर इम्प्लांट की लागत प्रति कान ₹6 लाख से ₹10 लाख तक होती है। यह खर्च अधिकांश परिवारों के लिए असंभव था।
सरकार ने इस आर्थिक बाधा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। अब बच्चों के परिवारों को कर्ज लेने या इलाज छोड़ने की मजबूरी नहीं रहेगी।
🏨 चार प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुविधा
कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी अब इन संस्थानों में उपलब्ध है:
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Government Medical College & Hospital Amritsar
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Government Medical College & Hospital Patiala
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Government Medical College & Hospital Faridkot
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Ambedkar Institute of Medical Sciences SAS Nagar
इससे राज्यभर में उन्नत श्रवण पुनर्स्थापन सेवाएं भौगोलिक रूप से सुलभ हो गई हैं।
🧠 ‘गोल्डन विंडो’ में हस्तक्षेप
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, 0 से 3 वर्ष की आयु भाषा विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवधि होती है। समय पर कॉक्लियर इम्प्लांट से बच्चा सामान्य बच्चों की तरह बोलना और सीखना शुरू कर सकता है।
3–5 वर्ष के बाद लाभ सीमित हो जाता है और देरी स्थायी भाषाई विकलांगता का कारण बन सकती है। सरकार का यह कदम सुनिश्चित करता है कि आर्थिक कारणों से कोई बच्चा इस ‘गोल्डन विंडो’ को न गंवाए।
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🗣️ स्वास्थ्य मंत्री का बयान
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh ने कहा कि राज्य सरकार समावेशी और समान स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की दिशा में ठोस कदम है।
🇮🇳 राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल
केंद्र सरकार की योजना बंद होने के बाद पंजाब ने अपने स्तर पर यह कार्यक्रम शुरू कर बच्चों के इलाज की निरंतरता सुनिश्चित की। इस पहल ने पंजाब को सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की कतार में ला खड़ा किया है।
📌 निष्कर्ष
पंजाब सरकार की यह पहल न केवल आर्थिक सुरक्षा देती है, बल्कि हजारों बच्चों को सामान्य जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करती है। उन्नत चिकित्सा सेवाओं को सार्वभौमिक और सुलभ बनाकर राज्य ने सार्वजनिक स्वास्थ्य शासन का नया मानदंड स्थापित किया है।

