पंजाब सरकार ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों के हितों की दिशा में एक अहम पहल की है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारुचक ने जानकारी दी कि बीते सात महीनों के दौरान विभाग द्वारा 1000 से अधिक कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2023 में लागू की गई नीति के तहत 519 अन्य वरिष्ठ कर्मचारियों को नियमित करने का प्रस्ताव वित्त विभाग, कार्मिक विभाग और कानूनी सलाहकार (एलआर) को भेजा गया है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि ये वे कर्मचारी हैं, जो आयु या शैक्षणिक योग्यता की शर्तों को पूरा नहीं करते, लेकिन उन्होंने विभाग में 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली है। सरकार का उद्देश्य ऐसे अनुभवी कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान करना है, जिन्होंने लंबे समय तक विभाग की सेवा की है।
आज वन परिसर में जांगलत श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मार्गदर्शन में विभाग श्रमिकों और कर्मचारियों के कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी किसी भी विभाग की रीढ़ होते हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान श्रमिक संघ के प्रतिनिधियों ने पिछले वर्ष 30 जुलाई को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले कर्मचारियों के वेतन जारी न होने का मुद्दा भी उठाया। इस पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री को अवगत कराया कि संबंधित कर्मचारियों की एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (आईएचआरएमएस) आईडी को अपडेट कर दिया गया है और उनका वेतन शीघ्र ही जारी कर दिया जाएगा।
मंत्री लाल चंद कटारुचक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कर्मचारियों का वेतन समय पर जारी किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कर्मचारियों को उनके अधिकार और लाभ समयबद्ध रूप से मिलें।
इसके अलावा, मंत्री ने यूनियन द्वारा उठाई गई अन्य मांगों को भी ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि विभाग के कर्मचारियों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी और हर संभव समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
इस बैठक में वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव प्रियांक भारती, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) धर्मिंदर शर्मा तथा मुख्य वन संरक्षक (मैदानी क्षेत्र) निधि श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे। बैठक को कर्मचारियों और विभाग के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में विभागीय कार्यप्रणाली और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।


