चंडीगढ़। विश्व मत्स्य दिवस (21 नवंबर) के अवसर पर पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डीयां ने राज्य में मत्स्य विकास क्षेत्र की उल्लेखनीय उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने एक्वाकल्चर के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति करते हुए इसे टिकाऊ उत्पादन और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बना दिया है।
मंत्री ने बताया कि पंजाब का मत्स्य पालन क्षेत्र लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। वर्तमान समय में राज्य के 43,685 एकड़ क्षेत्र में मत्स्य पालन किया जा रहा है, जिससे प्रति वर्ष दो लाख मीट्रिक टन से अधिक मछली उत्पादन हो रहा है। यह आँकड़ा राज्य की बढ़ती क्षमता और आधुनिक तकनीकों के सफल उपयोग को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि झींगा (श्रिम्प) पालन में पंजाब की नवोन्मेषी पहलें अत्यंत सफल रही हैं। टिकाऊ एक्वाकल्चर मॉडल पर आधारित यह श्रिम्प फार्मिंग न केवल उत्पादन बढ़ा रही है, बल्कि किसानों को नए आर्थिक अवसर भी प्रदान कर रही है। इन प्रयासों ने राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
मंत्री खुड्डीयां ने कहा कि सरकार मत्स्य पालन को और अधिक आधुनिक व तकनीक-आधारित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि पंजाब देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों में अपनी स्थिति और सुदृढ़ कर सके।
विश्व मत्स्य दिवस पर राज्य सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत किसानों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों के योगदान को भी सराहा, जो पंजाब को एक्वाकल्चर का उभरता हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ਹਰ ਸਾਲ 21 ਨਵੰਬਰ ਨੂੰ ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰ 'ਤੇ ਮਨਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਵਿਸ਼ਵ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਦਿਵਸ ਮੌਕੇ ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਣ, ਡੇਅਰੀ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਮੰਤਰੀ ਗੁਰਮੀਤ ਸਿੰਘ ਖੁੱਡੀਆਂ ਨੇ ਮੱਛੀ ਪਾਲਣ ਵਿਕਾਸ ਵਿੱਚ ਸੂਬੇ ਦੀ ਸ਼ਾਨਦਾਰ ਪ੍ਰਗਤੀ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਵਧੇਰੇ ਟਿਕਾਊ ਤੇ ਲਾਹੇਵੰਦ ਧੰਦਾ ਬਣਾਉਣ ਬਾਰੇ ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵੱਲੋਂ ਚੁੱਕੇ ਜਾ ਰਹੇ ਸਰਗਰਮ ਕਦਮਾਂ… pic.twitter.com/Y0U9P45QjN
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) November 22, 2025


