मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य से बाल विवाह जैसी गंभीर सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर, सशक्त और परिणामोन्मुखी कदम उठा रही है। यह बात सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां पूरी तरह बाल-केंद्रित और संवेदनशील दृष्टिकोण पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करना है।
डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान पंजाब सरकार ने बाल विवाह के 64 मामलों में सफलतापूर्वक समय रहते हस्तक्षेप किया है। इन मामलों में त्वरित कार्रवाई कर न केवल संभावित बाल विवाह को रोका गया, बल्कि संबंधित बच्चों को सुरक्षा और कानूनी संरक्षण भी प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जब भी बच्चों के अधिकार या भविष्य खतरे में होता है, सरकार बिना किसी देरी के निर्णायक कदम उठाती है।
मंत्री ने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुप्रथा ही नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालने वाली समस्या है। इसे रोकने के लिए सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर मजबूत ढांचा तैयार किया है। इसी कड़ी में पंजाब भर में जिला और ब्लॉक स्तर पर कुल 2,076 बाल विवाह निवारण अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो जमीनी स्तर पर सक्रिय रूप से निगरानी और हस्तक्षेप का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर सतर्कता और निगरानी का दायरा और अधिक व्यापक हो गया है, जिससे किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना मिलते ही प्रारंभिक चरण में कार्रवाई संभव हो पाती है।
डॉ. बलजीत कौर ने यह भी बताया कि पंजाब में नियुक्त सभी बाल विवाह रोकथाम अधिकारियों का विवरण भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल विवाह मुक्त पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क करना आसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की जवाबदेही और सुशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने जनता से भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी बाल विवाह की आशंका या जानकारी मिले, तो लोग बिना किसी संकोच के नजदीकी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी से संपर्क करें या बाल हेल्पलाइन 1098 पर तुरंत सूचना दें। समय पर दी गई सूचना किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकती है।
अंत में डॉ. बलजीत कौर ने दोहराया कि पंजाब सरकार बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनके सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य तथा राज्य को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून, सजग प्रशासन और जागरूक समाज के संयुक्त प्रयास से ही इस सामाजिक बुराई का स्थायी समाधान संभव है।


