पंजाब में जनगणना 2027 के फेज-1 की शुरुआत 15 मई 2026 से, 30 अप्रैल से 14 मई तक नागरिकों के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
पंजाब में जनगणना 2027 के पहले चरण (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना) की प्रक्रिया 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक संचालित की जाएगी। इससे पहले आम नागरिकों के लिए 30 अप्रैल से 14 मई 2026 तक सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प उपलब्ध रहेगा।
इस संबंध में डिप्टी कमिश्नरों और नगर निगम आयुक्तों की राज्य स्तरीय एक दिवसीय बैठक होटल माउंट व्यू, चंडीगढ़ में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव KAP Sinha ने की।
📊 साक्ष्य-आधारित शासन की नींव
मुख्य सचिव ने जनगणना को साक्ष्य-आधारित शासन, कल्याणकारी योजनाओं और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की आधारशिला बताया। उन्होंने पारदर्शिता, डेटा की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया।
उन्होंने जनगणना 2027 का पंजाबी लोगो और अद्यतन राजस्व व शहरी निकाय मानचित्र भी जारी किए।
📑 कानूनी प्रावधानों की जानकारी
जनगणना संचालन निदेशालय, पंजाब की निदेशक Dr. Navjot Khosa ने अधिकारियों को 1948 के जनगणना अधिनियम और 1990 के नियमों के तहत प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फेज-1 की गुणवत्ता ही फेज-2 (फरवरी 2027) की सफलता तय करेगी।
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🏘️ जिला स्तर पर तैयारियां
बैठक में डिप्टी कमिश्नरों और नगर आयुक्तों ने जिला स्तर की तैयारियों, प्रशिक्षण योजनाओं, ग्रामीण-शहरी कवरेज और संसाधन प्रबंधन पर चर्चा की।
राज्य नोडल अधिकारी एवं स्थानीय निकाय विभाग के सचिव Manjit Singh Brar ने सभी अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और समयसीमा के भीतर पारदर्शी व तकनीक-आधारित जनगणना सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
📌 निष्कर्ष
पंजाब में जनगणना 2027 का पहला चरण डिजिटल और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जाएगा। 30 अप्रैल से शुरू हो रही सेल्फ-एन्यूमरेशन सुविधा से नागरिकों की भागीदारी और डेटा की सटीकता बढ़ने की उम्मीद है।

