पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार शाम पंजाब भवन में एक उच्च स्तरीय कनाडाई प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी की, जहां दोनों पक्षों के बीच निवेश, प्रौद्योगिकी और नवाचार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठक नई दिल्ली स्थित कनाडा के उच्चायोग के औपचारिक अनुरोध पर आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य पंजाब राज्य और कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करना था।
कनाडाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अल्बर्टा सरकार के स्वदेशी संबंध मंत्री राजन साहनी ने किया। उनके साथ प्रीमियर कार्यालय के हितधारक प्रशासक जतिंदर सिंह तातला, अल्बर्टा की यूनाइटेड कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के वरिष्ठ सलाहकार हैप्पी मान, स्वदेशी संबंध विभाग की कार्यकारी निदेशक जेनेविव टर्कोट, तथा जगरूप खालोन, जसविंदर ग्रेवाल और पुनीत कुमार गोयल भी शामिल थे। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने औद्योगिक विकास, व्यापार सुगमता और भविष्य की साझेदारी के अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर इन्वेस्ट पंजाब के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के सामने राज्य की निवेश क्षमता और औद्योगिक ढांचे को लेकर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। वीडियो और पावरपॉइंट के माध्यम से पंजाब में उपलब्ध अवसरों, उद्योग-अनुकूल नीतियों और सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि पंजाब किस तरह से निवेशकों के लिए सरल प्रक्रियाएं और अनुकूल वातावरण तैयार कर रहा है, ताकि राज्य में नए उद्योग और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिल सके।
अल्बर्टा सरकार के मंत्री राजन साहनी ने इन्वेस्ट पंजाब की कार्यप्रणाली और राज्य सरकार के सक्रिय दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल पंजाब के औद्योगिक इकोसिस्टम को समझने और भविष्य में सहयोग की संभावनाएं तलाशने को लेकर उत्सुक है। उनके अनुसार, दोनों क्षेत्रों के बीच साझेदारी से व्यापार और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह दौरा प्रतिनिधिमंडल के व्यापक भारत मिशन का हिस्सा है, जो भारत ऊर्जा सप्ताह से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत कनाडाई प्रतिनिधि भारत के प्रमुख केंद्रों में सरकारी और निजी क्षेत्र के हितधारकों से मुलाकात कर सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। चीमा ने यह भी जोर दिया कि प्रौद्योगिकी और नवाचार ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अल्बर्टा और पंजाब मिलकर आपसी विकास को नई दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि सतत विकास और साझा समृद्धि पर आधारित दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। “पंजाब सार्थक सहयोग के लिए खुला है, जो दोनों क्षेत्रों के लिए मूल्य सृजित करे और नवाचार के जरिए आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाए,” उन्होंने कहा।
बैठक में मिल्कफेड के चेयरमैन नरिंदर सिंह शेरगिल, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक शेखर, उद्योग सचिव मोहिंदर पाल, इन्वेस्ट पंजाब के अतिरिक्त सीईओ रुबिंदरजीत सिंह बराड़ और विद्युत विभाग के विशेष सचिव डॉ. सैयद सेहरिश असगर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। इस मुलाकात से साफ संकेत मिलता है कि अल्बर्टा और पंजाब मिलकर सहयोग, नवाचार और आपसी विश्वास पर आधारित एक मजबूत आर्थिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।


