पंजाब सरकार ने सामाजिक कल्याण और बेटियों के सशक्तिकरण की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के 2,559 पात्र परिवारों को कुल ₹13.05 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की है। यह सहायता 12 जिलों में पात्र लाभार्थियों को उनकी बेटियों के विवाह के लिए दी गई है। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक अवसर पर सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
राज्य के सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मामलों से जुड़े विभाग के अनुसार, योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को ₹51,000 की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार की बिचौलिया व्यवस्था समाप्त की जा सके।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस चरण में जिन 12 जिलों में सहायता वितरित की गई है, वहां सभी आवेदनों की गहन जांच के बाद ही पात्रता सुनिश्चित की गई। पात्र लाभार्थियों में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार शामिल हैं, जिनकी वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार का उद्देश्य है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही योजना का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि सामाजिक कल्याण योजनाएं समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से लागू हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता देना केवल मदद नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। “हमारी सरकार का प्रयास है कि किसी भी परिवार को गरीबी के कारण अपनी बेटी के विवाह को लेकर चिंता न करनी पड़े,” उन्होंने कहा।
पात्रता शर्तें
आशीर्वाद योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक परिवार का पंजाब का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, विवाह करने वाली बेटी की आयु कानूनी रूप से निर्धारित न्यूनतम आयु के अनुरूप होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया के दौरान विवाह प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और बैंक खाता विवरण जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य है।
DBT के माध्यम से पारदर्शी भुगतान
योजना के अंतर्गत दी जाने वाली राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि भ्रष्टाचार और देरी की संभावनाएं भी समाप्त होती हैं। सरकार का कहना है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से योजनाओं की निगरानी भी अधिक प्रभावी हो पाई है।
सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों ने आशीर्वाद योजना की सराहना करते हुए इसे बेटियों के सम्मान और परिवारों की आर्थिक मजबूती से जोड़कर देखा है। उनका मानना है कि इस तरह की योजनाएं सामाजिक असमानता को कम करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कुल मिलाकर, आशीर्वाद योजना के तहत ₹13.05 करोड़ की सहायता पंजाब सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत वह समाज के कमजोर वर्गों को गरिमापूर्ण जीवन और बराबरी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।


