केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भाग लिया। यह बैठक आगामी केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र और राज्यों के बीच विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच रही, जिसमें देश की आर्थिक दिशा, विकास की प्राथमिकताओं और राज्यों से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा की विकास संबंधी आवश्यकताओं को प्रमुखता से रखते हुए कहा कि राज्य तेजी से औद्योगिक, कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से हरियाणा को विशेष सहयोग प्रदान करने की मांग करते हुए कहा कि इससे रोजगार सृजन, निवेश और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा देश की खाद्य सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता रहा है, ऐसे में किसानों को सशक्त करने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए जाने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक्स, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को प्रोत्साहन देने की भी मांग रखी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का उद्देश्य ऐसा बजट प्रस्तुत करना है, जो समावेशी विकास को बढ़ावा दे, आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करे और समाज के हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्यों के सहयोग और सुझावों के बिना संतुलित विकास संभव नहीं है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत निवेश और रोजगारोन्मुखी नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा हरित ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी आगामी बजट में प्राथमिकता दिए जाने के संकेत मिले।
बजट-पूर्व यह परामर्श बैठक केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग, संवाद और समन्वय को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में सामने आए सुझावों और प्रस्तावों को शामिल करते हुए केंद्र सरकार ऐसा बजट पेश करेगी, जो देश की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध होगा।


