हरियाणा सरकार ने पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समन्वय समिति का गठन किया है। समिति रूफटॉप सोलर और योजना की निगरानी पर फोकस करेगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल, रूफटॉप सोलर पर रहेगा खास फोकस
हरियाणा सरकार ने ‘पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और समग्र निगरानी के उद्देश्य से राज्य स्तर पर राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी करेंगे।
जारी अधिसूचना के अनुसार, समिति में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, आवास एवं शहरी कार्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, ग्रामीण विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के अध्यक्ष, तथा हरियाणा के दोनों बिजली वितरण निगमों — यूएचबीवीएनएल और डीएचबीवीएनएल — के प्रबंध निदेशक/मुख्य कार्यकारी अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा, युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव और ऊर्जा विभाग के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा महानिदेशक को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।
राज्य सरकार आवश्यकता अनुसार अन्य संबंधित अधिकारियों को भी इस समिति में शामिल कर सकती है। साथ ही, समिति अपने विचार-विमर्श के लिए अन्य मंत्रालयों/विभागों के सचिवों, अधिकारियों या गैर-सरकारी विशेषज्ञों को भी आमंत्रित कर सकेगी, ताकि योजना का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
समिति के कार्यक्षेत्र में योजना के सभी घटकों की नियमित समीक्षा करना, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना, सभी सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए कार्ययोजना तैयार करना, तथा उनकी प्रगति की निगरानी करना शामिल है। इसके साथ ही, जन-जागरूकता, क्षमता निर्माण और रूफटॉप सोलर की स्थापना को अधिकतम स्तर तक बढ़ावा देने के लिए विभागीय प्रयासों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना भी समिति की जिम्मेदारी होगी।
समिति केंद्र सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित करते हुए योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी। पीएम-सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लिए नामित राज्य कार्यान्वयन एजेंसी समिति को आवश्यक प्रशासनिक और कार्यालयी सहायता प्रदान करेगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आम नागरिकों को भी बिजली के खर्च में राहत मिलेगी और हरियाणा को हरित ऊर्जा की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।


