नई दिल्ली। सदियों पुरानी हथकरघा परंपरा भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का अहम हिस्सा रही है। अब इसी परंपरा को आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ते हुए देश का वस्त्र उद्योग एक नए युग में प्रवेश कर रहा है।
प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM-MITRA) पार्क और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं की संयुक्त शक्ति से भारत का वस्त्र क्षेत्र वैश्विक बाजार में मजबूती से प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो रहा है। इन पहलों से न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि निवेश, रोजगार और निर्यात को भी नई गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि यह पहल केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश के बुनकरों और कारीगरों को सशक्त बनाया जाएगा। आधुनिक बुनियादी ढांचे, बेहतर तकनीक और बाज़ार तक सीधी पहुंच से हथकरघा एवं वस्त्र क्षेत्र से जुड़े लाखों लोगों की आय और जीवन स्तर में सुधार आएगा।
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए, यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भारतीय वस्त्र उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाएगी।
सदियों पुरानी हथकरघा परंपरा भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान का प्रतीक रही है।
PM-MITRA पार्क और PLI योजनाओं की संयुक्त शक्ति के बल पर, हमारा वस्त्र उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।
यह पहल केवल उत्पादन नहीं बढ़ाएगी, बल्कि हमारे बुनकरों को सशक्त करेगी और 'मेक इन… pic.twitter.com/opKXf70Pwo
— CMO Haryana (@cmohry) December 15, 2025


