12वीं अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक प्रदर्शनी, सम्मेलन एवं कन्वेंशन PlastIndia 2026 में उद्योग, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए गए। इस अवसर पर प्रदर्शनी में प्लास्टिक उद्योग के विकास, रीसाइक्लिंग तकनीकों और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़ी आधुनिक पहलों का अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि जिम्मेदार उत्पादन, शत प्रतिशत रीसाइक्लिंग और पर्यावरण अनुकूल समाधान आज के समय में न केवल उद्योग की जरूरत हैं, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति के मजबूत स्तंभ भी बन रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्लास्टिक उद्योग को अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसके पूरे जीवनचक्र—उत्पादन, उपयोग, पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग—को टिकाऊ तरीके से संचालित करना होगा। सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सके।
PlastIndia 2026 में प्रदर्शित की गई नई तकनीकों और इनोवेशन ने यह दिखाया कि किस तरह आधुनिक मशीनरी और प्रक्रियाओं के जरिए प्लास्टिक कचरे को दोबारा उपयोगी उत्पादों में बदला जा सकता है। रीसाइक्लिंग, वेस्ट मैनेजमेंट और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टॉल्स ने खास तौर पर आगंतुकों का ध्यान आकर्षित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन तकनीकों को बड़े पैमाने पर अपनाया जाए, तो भारत न केवल पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
दिल्ली सरकार की ओर से भी स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया गया। सरकार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने, बिना गारंटी ऋण की सुविधा, स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने जैसे कदम उठा रही है, ताकि उद्योग और उद्यमिता को और मजबूत किया जा सके। वक्ताओं ने कहा कि इन पहलों से छोटे और मध्यम उद्यमों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्लास्टिक उद्योग अगर जिम्मेदारी और नवाचार के साथ आगे बढ़े, तो यह भारत की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा सकता है। पर्यावरण के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उत्पादन बढ़ाना ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इस दिशा में सरकार, उद्योग और समाज—तीनों को मिलकर काम करना होगा।
इस अवसर पर PlastIndia के अध्यक्ष श्री रविश कामत जी और पार्षद श्री प्रवेश वाही जी भी उपस्थित रहे। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच भारत के उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने में मदद करते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प दोहराया कि नवाचार, रीसाइक्लिंग और सर्कुलर इकोनॉमी के जरिए भारत को एक टिकाऊ और मजबूत औद्योगिक राष्ट्र बनाया जाएगा।


