हरियाणा के कैथल जिले में शुक्रवार को विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायी माहौल देखने को मिला, जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का लाइव प्रसारण देखा। इस अवसर पर छात्रों में उत्साह और जिज्ञासा साफ नजर आई। परीक्षा के तनाव और दबाव से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम न सिर्फ मार्गदर्शक साबित हुआ, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा भी मिली।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद सहज और सरल भाषा में छात्रों से संवाद किया और उनकी शंकाओं का समाधान किया। उन्होंने परीक्षा को जीवन का अंतिम लक्ष्य न मानते हुए इसे सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने छात्रों को यह संदेश दिया कि असफलता से डरने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता की असली कुंजी है। उनके शब्दों ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास का संचार किया और परीक्षा को लेकर बनी घबराहट को काफी हद तक कम किया।
कैथल में आयोजित इस लाइव प्रसारण कार्यक्रम में शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना और छात्रों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की आंखों में भविष्य के सपने और कुछ कर दिखाने का जज्बा साफ झलक रहा था। कई छात्रों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन के प्रति सही दृष्टिकोण भी सिखाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि खुद को परखने का एक अवसर समझना चाहिए। उन्होंने समय प्रबंधन, आत्मअनुशासन और सकारात्मक सोच जैसे विषयों पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने छात्रों से कहा कि वे सोशल मीडिया और अन्य भटकावों से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। उनका यह संदेश खास तौर पर उन छात्रों के लिए प्रेरणादायी रहा, जो परीक्षा के दबाव में खुद को कमजोर महसूस करते हैं।
कार्यक्रम में ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने छात्रों से कहा कि देश का भविष्य उनके हाथों में है और उनकी मेहनत ही भारत को एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनाएगी। इस बातचीत ने छात्रों को यह एहसास दिलाया कि वे सिर्फ अपनी परीक्षा के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य के निर्माण के लिए भी तैयारी कर रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह के प्रेरणादायी कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, कैथल में ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का लाइव प्रसारण छात्रों के लिए एक यादगार और सीख देने वाला अनुभव साबित हुआ। यह सिर्फ परीक्षा की तैयारी का मंच नहीं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की सोच को मजबूत करने का जरिया भी बना। विद्यार्थियों और अभिभावकों ने इस आयोजन के लिए आभार जताया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम होते रहेंगे।


