पूर्व मंत्री परगट सिंह ने पंजाब सरकार पर व्यापारियों को छापों से परेशान करने और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया, किसानों के अधिकारों का सम्मान करने की मांग की।
पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक Pargat Singh ने पंजाब सरकार पर व्यापारियों और उद्योगपतियों के कथित उत्पीड़न को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एक ओर राज्य में उद्योगपतियों और कारोबारियों को गैंगस्टरों से फिरौती की धमकियां मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार टैक्स वसूली के नाम पर चुनिंदा व्यापारियों पर छापेमारी कर भय का माहौल बना रही है।
परगट सिंह ने कहा कि बार-बार और चयनात्मक छापों ने निवेशकों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यापारियों को डराने की बजाय उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एंटी-गैंगस्टर अभियान कागजों पर ज्यादा प्रभावी दिखाया जा रहा है, जबकि जमीन पर फिरौती कॉल, गोलीबारी और हत्याओं की घटनाएं जारी हैं। उनके अनुसार, सरकार सोशल मीडिया आंकड़ों के जरिए अपनी उपलब्धियां दिखाने की कोशिश कर रही है।
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परगट सिंह ने नशा विरोधी अभियान को भी अप्रभावी बताते हुए कहा कि बड़े ड्रग तस्कर अब भी गिरफ्त से बाहर हैं और नशे का नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
इसके अलावा, उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों पर हालिया लाठीचार्ज की निंदा करते हुए इसे ‘किसान विरोधी मानसिकता’ करार दिया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए और किसानों की मांगों को बल प्रयोग से दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
परगट सिंह के इन बयानों के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है।

