पंजाब में गुंडागर्दी, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की शुरुआत करते हुए राज्य सरकार ने सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘ऑपरेशन प्रहार’ को शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने प्रदेश की सुरक्षा और शांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान पंजाब सरकार की आतंकवाद, गुंडागर्दी और आपराधिक ताकतों के प्रति शून्य सहिष्णुता नीति का सशक्त प्रतीक है।
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री मान के निर्णायक नेतृत्व में पंजाब की आत्मा और सुरक्षा की रक्षा की लड़ाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस व्यापक अभियान के तहत पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ अभूतपूर्व स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। राज्यभर में 12,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की लगभग 2,000 टीमें एक साथ मैदान में उतारी गई हैं, जिनका लक्ष्य गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।
शिक्षा मंत्री ने पंजाब पुलिस के साहस और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध की जड़ों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने बताया कि कल रात से शुरू हुआ यह 72 घंटे का विशेष अभियान एक सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई है, जिसमें खुफिया जानकारी, फील्ड ऑपरेशन और कानून-व्यवस्था के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान स्वयं हर घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
हरजोत सिंह बैंस ने अमृतसर और फतेहगढ़ साहिब में हुई मुठभेड़ों की शुरुआती रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि इन कार्रवाइयों से यह साफ हो गया है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब और देश की शांति को अस्थिर करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा और ऐसी ताकतों का अंत यहीं किया जाएगा।
उन्होंने आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही अपराध मुक्त पंजाब का सपना साकार हो सकता है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
अंत में हरजोत सिंह बैंस ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध का पूरी तरह से सफाया नहीं हो जाता। ‘ऑपरेशन प्रहार’ न केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और शांत भविष्य की नींव रखने का संकल्प भी है।


