पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक बार फिर समाज में जागरूकता की नई लहर देखने को मिल रही है। “पॉलीथिन को ना, और पर्यावरण की रक्षा” जैसे सशक्त संदेश के साथ लोगों को प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों से आगाह किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार पॉलीथिन न केवल धरती को प्रदूषित करती है, बल्कि पानी, हवा और जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है। थोड़ी-सी सुविधा के लिए उपयोग की जाने वाली पॉलीथिन सदियों तक नष्ट नहीं होती और पर्यावरण में जहरीले कचरे के रूप में बनी रहती है।
अभियान से जुड़े पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि अब समय आ गया है कि हर नागरिक एक बड़ा संकल्प ले— पॉलीथिन का पूरी तरह बहिष्कार और कपड़े अथवा जूट के बैग के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने आम लोगों, व्यापारियों और युवाओं से अपील की कि वे इस मुहिम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सरकार भी प्लास्टिक कचरे पर नियंत्रण के लिए कई कदम उठा रही है, जिनमें जागरूकता अभियान, सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध और कचरा प्रबंधन को मजबूत बनाने जैसी पहल शामिल हैं।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समाज इस संकल्प को व्यवहार में उतारे, तो पॉलीथिन से होने वाले प्रदूषण में बड़ी कमी लाई जा सकती है और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ व सुरक्षित पर्यावरण दिया जा सकता है।
आइए हम एक बड़ा संकल्प लें "पॉलीथिन को ना, और पर्यावरण की रक्षा"!
पॉलीथिन हमारी धरती, पानी, हवा और जीव-जंतुओं के लिए खतरा बन चुकी है। एक पल की सुविधा के लिए हम सदियों का प्रदूषण छोड़ जाते हैं। pic.twitter.com/kP74089w6x
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 23, 2025


