चंडीगढ़ स्थित संत कबीर कुटीर पर निहंग सिख समुदाय का आगमन एक सौभाग्यपूर्ण और गौरवपूर्ण अवसर रहा। इस अवसर पर निहंग सिखों का स्वागत करते हुए इसे सम्मान का विषय बताया गया।
25 नवंबर को आयोजित 350वें शहीदी समागम के लिए निहंग सिख समुदाय द्वारा दिए गए साधुवाद को सम्मान की अनुभूति बताते हुए कहा गया कि गुरु साहिबान की धरती पंजाब की वर्तमान स्थिति को देखकर मन व्यथित होता है। कभी समृद्ध रहा पंजाब आज गंभीर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है, जो चिंतन का विषय है।
इस अवसर पर निहंग सिंह संप्रदाय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा गया कि निहंग सिख नई पीढ़ी को गुरु साहिबान के आदर्शों, मर्यादाओं और वीर परंपराओं से जोड़कर इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। इतिहास साक्षी है कि जहाँ-जहाँ निहंग सिंह खड़े हुए हैं, वहाँ अधर्म कभी टिक नहीं पाया।
वर्तमान दौर में राष्ट्र निर्माण के लिए निहंग सिंहों की निर्भीक, अनुशासित और राष्ट्रधर्मी भूमिका की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा गया कि उनका योगदान समाज को सही दिशा देने में सदैव प्रेरणास्रोत रहा है।
अंत में संत कबीर कुटीर पधारने पर निहंग सिख समुदाय के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया गया और गुरु साहिबान के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा को राष्ट्र के लिए अमूल्य बताया गया।
चंडीगढ़ के 'संत कबीर कुटीर' पर निहंग सिख समुदाय के चरण पड़े यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है और उनका स्वागत करना गौरव का विषय है।
25 नवंबर को आयोजित 350वें शहीदी समागम के लिए निहंग सिखों द्वारा साधुवाद मेरे लिए सम्मान की बात है।
गुरु साहिबान की धरती पंजाब की आज की स्थिति देख कर… pic.twitter.com/Wn8NXPnoNI
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) January 3, 2026


