हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का फोकस “विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक” पर रहेगा। इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक में उद्योग और श्रमिकों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया।
इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा— हरियाणा देश का पहला राज्य, जहां बनी ऐसी परिषद
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि प्रदेश सरकार का मुख्य फोकस “विकसित उद्योग, विकसित श्रमिक” पर रहेगा, ताकि राज्य की प्रगति और अधिक तेजी से हो सके। मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल की पहली बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, श्रम विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, मुख्यमंत्री के उप-प्रधान सचिव श्री यशपाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और काउंसिल के सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री एवं काउंसिल के चेयरपर्सन नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब तक किसी राज्य में उद्योग निर्बाध रूप से नहीं चलेंगे और वहां के श्रमिक खुशहाल नहीं होंगे, तब तक वह प्रदेश आर्थिक रूप से प्रगति नहीं कर सकता। उद्योग और श्रमिक—दोनों के बीच सामंजस्य और सहयोग बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से इंडस्ट्री-लेबर फ्रेंडली काउंसिल का गठन किया गया है, और इस तरह की परिषद बनाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योगों को “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और श्रमिकों को “ईज ऑफ लिविंग” देने की नीति पर काम कर रही है। यह काउंसिल उद्योगों और श्रमिकों से जुड़ी सरकारी घोषणाओं की समीक्षा करेगी और श्रमिकों की सुरक्षा, उद्योग-श्रमिक विवादों के समाधान, आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों में कौशल विकास को अपग्रेड करने जैसे विषयों पर सुझाव देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस काउंसिल के माध्यम से राज्य के उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा, क्योंकि उत्पादकता बढ़ने से जीडीपी में वृद्धि होगी, जो देश और प्रदेश के विकास का मुख्य आधार है।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में करीब दो लाख सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योग इंडस्ट्रियल एरिया से बाहर संचालित हो रहे थे, जिसके कारण उन्हें कई सरकारी सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने 25 दिसंबर 2025 को एक पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर ये उद्योग अपना पंजीकरण कर नियमित हो सकेंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि कुछ इंडस्ट्रियल एरिया में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) से HSIIDC में प्लॉट ट्रांसफर से जुड़ी समस्याओं को सुलझा लिया गया है। इसके अलावा, उद्योगपतियों की मांग पर ESIC अस्पतालों के लिए जमीन रियायती दरों पर देने की मंजूरी भी सरकार ने दे दी है। इंडस्ट्रियल एरिया में मजदूरों के लिए सस्ती दरों पर डोरमेट्री आवास बनाने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। कई जिलों में जगह की कमी को देखते हुए मल्टीलेवल पार्किंग बनाने की योजना भी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार हरियाणा में उद्योगों के लिए माहौल को और अधिक अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि निवेशक अधिक से अधिक निवेश करें। इससे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन “विकसित भारत-2047” के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।


