हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को सिरे से नकारते हुए कहा कि यह योजना पारदर्शिता, जवाबदेही और वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा सुधारात्मक कदम है। चंडीगढ़ में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नई योजना ने पुरानी व्यवस्था—मनरेगा—का स्थान लिया है, जो समय के साथ भ्रष्टाचार और दिखावटी कार्यों का माध्यम बन गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली व्यवस्था में संसाधनों का दुरुपयोग हुआ और वास्तविक जरूरतों के बजाय ऐसे कार्य कराए गए जिनका जमीनी लाभ सीमित रहा। उन्होंने इसे “गड्ढे भरने” जैसी गतिविधियों तक सिमटने वाली प्रणाली बताया, जिसमें जवाबदेही का अभाव था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुरानी प्रणाली के दौरान भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हुआ।
उन्होंने पंजाब में सोशल ऑडिट के दौरान सामने आए 10,663 गबन के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आंकड़े पुरानी व्यवस्था की विफलता को उजागर करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर गबन के बावजूद दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई न होना उस सिस्टम की कमजोरी का प्रमाण है, जिसे अब बदला जाना आवश्यक था।
प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार सुधारों का विरोध करने के लिए प्रस्ताव पारित कर रही है, जबकि जनता पारदर्शी और परिणामोन्मुखी व्यवस्था चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में लिए गए कदमों का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे विकास की गति प्रभावित होती है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नई ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कई स्तरों पर सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं। योजना में डिजिटल ट्रैकिंग, कार्यों की वास्तविक समय निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारी निर्धारण और सामाजिक निगरानी जैसे उपाय शामिल हैं, ताकि किसी भी प्रकार के शोषण और अनियमितता को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि टिकाऊ और उपयोगी विकास कार्यों के माध्यम से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। नई योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों का चयन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप होगा, जिससे समुदाय को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ‘विकसित भारत–जी राम जी’ योजना से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और जनता को पारदर्शी तरीके से लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रेसवार्ता के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष का दुष्प्रचार सच्चाई को नहीं बदल सकता। जनता परिणाम देख रही है और वही सरकार की नीतियों का वास्तविक पैमाना है। उन्होंने अपील की कि सभी पक्ष जनहित में सकारात्मक सहयोग करें, ताकि विकास की गति तेज हो और ‘विकसित भारत’ का संकल्प साकार हो सके।


