हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोहाली में आयोजित सम्पूर्ण श्री सुंदरकांड पाठ में शिरकत कर धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही आयोजकों और श्रद्धालुओं ने उनका पारंपरिक तरीके से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया गया। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
सुंदरकांड पाठ का आयोजन पूरी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ किया गया, जिसमें रामभक्त हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया गया। पाठ के दौरान भजन-कीर्तन, रामनाम संकीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चारण से वातावरण भक्तिमय हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए और उन्होंने पूरे मनोयोग से सुंदरकांड पाठ का श्रवण किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों का विशेष महत्व है। ऐसे आयोजन न केवल व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं, बल्कि समाज में सद्भाव, भाईचारे और सकारात्मक सोच को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड पाठ जैसे धार्मिक अनुष्ठान हमें सत्य, सेवा और समर्पण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री हनुमान जी शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि निस्वार्थ भाव से किया गया कर्म ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने प्रदेशवासियों और देशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम और हनुमान जी की कृपा से समाज में सदैव सद्भाव और सकारात्मकता बनी रहे।
कार्यक्रम के दौरान आयोजकों ने मुख्यमंत्री को स्मृति-चिह्न, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। आयोजकों ने कहा कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और भी बढ़ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे सरल, सुलभ और संवेदनशील नेतृत्व के प्रतीक हैं।
इस धार्मिक आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी, संत-महात्मा और कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराते हैं। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री से आत्मीय संवाद भी किया और अपने विचार साझा किए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों से जूझ रहा है, तब आध्यात्मिक आयोजनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ये आयोजन हमें मानसिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आगे कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सेवा भावना को बढ़ावा मिलता है। सुंदरकांड पाठ जैसे आयोजन हमें यह सिखाते हैं कि संकट के समय धैर्य, विश्वास और परिश्रम से हर समस्या का समाधान संभव है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहें और समाज के उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजकों ने प्रशासन और स्वयंसेवकों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री के आगमन को अपने लिए सौभाग्य बताया और कहा कि उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम को नई ऊर्जा और प्रेरणा मिली है। लोगों का कहना था कि मुख्यमंत्री का सरल स्वभाव और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।
सम्पूर्ण श्री सुंदरकांड पाठ का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक जागरूकता का सशक्त उदाहरण भी बना। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की गरिमामयी उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी स्मरणीय बना दिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने प्रभु श्रीराम और श्री हनुमान जी से समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


