महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें नमन किया और समानता, शिक्षा व जागरूकता के जरिए समतामूलक समाज के निर्माण में उनके योगदान को प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री ने समानता, शिक्षा और जागरूकता के जरिए समतामूलक समाज के निर्माण में महर्षि दयानंद के योगदान को बताया अविस्मरणीय
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके विचारों और समाज सुधार में दिए गए योगदान को याद करते हुए कहा कि महर्षि दयानंद का जीवन और दर्शन आज भी देश और समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संदेश में कहा, “समानता, शिक्षा, जागरूकता और प्रगतिशील विचारों के माध्यम से समतामूलक समाज के निर्माण में उनका अमूल्य योगदान सदैव प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय रहेगा।” उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और समाज को सत्य, ज्ञान और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सीएम ने कहा कि आर्य समाज की स्थापना के जरिए महर्षि दयानंद ने समाज में सुधार की एक मजबूत नींव रखी और लोगों को अंधविश्वास, रूढ़ियों और असमानता के खिलाफ जागरूक किया। उनके विचारों का प्रभाव आज भी शिक्षा, सामाजिक सुधार और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हरियाणा सरकार महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों से प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और समान अवसर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महर्षि दयानंद के विचारों को अपनाकर एक जागरूक, शिक्षित और समतामूलक समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर राज्य भर में विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों द्वारा कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें उनके जीवन, विचारों और योगदान पर चर्चा की गई। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उनके आदर्शों को अपनाने और समाज सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।


