हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मानेसर में आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में स्टार्टअप संस्थापकों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘फंडिंग’ और ‘तकनीकी सहयोग’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्राप्त विचारों को गंभीरता से नोट किया गया है और इन्हें आगामी बजट में शामिल करने की दिशा में विचार किया जाएगा। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाते हुए एक संतुलित, समावेशी और भविष्य उन्मुख बजट तैयार करना है।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा तेजी से नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बन रहा है। मानेसर और गुरुग्राम जैसे औद्योगिक क्षेत्र स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी आधारित उद्यमों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलें और स्टार्टअप्स के माध्यम से रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्टार्टअप संस्थापकों ने बैठक के दौरान व्यवसाय शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को साझा किया। इनमें लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी करने, सरकारी अनुमतियों में समयबद्धता सुनिश्चित करने जैसे सुझाव प्रमुख रहे। इसके साथ ही, शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग की उपलब्धता, सरकारी अनुदान, और निवेशकों तक आसान पहुंच जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
तकनीकी सहयोग के विषय पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्टार्टअप्स को नई तकनीकों, रिसर्च संस्थानों और शैक्षणिक संस्थानों से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने इंडस्ट्री–अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल नवाचार को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश को कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सुरक्षा और साइबर टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भी स्टार्टअप्स को सहयोग देने की आवश्यकता पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आश्वासन दिया कि सरकार उद्यमियों के सुझावों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि व्यवहारिक और उपयोगी प्रस्तावों को नीति और बजट में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और बेहतर बनाना सरकार की निरंतर प्राथमिकता है, ताकि हरियाणा निवेशकों और स्टार्टअप्स के लिए एक पसंदीदा राज्य बन सके।
बैठक में उपस्थित स्टार्टअप संस्थापकों ने सरकार द्वारा संवाद के इस मंच की सराहना की और कहा कि बजट-पूर्व परामर्श से उनकी आवाज सीधे नीति निर्माण तक पहुंच रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी बजट में स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रावधान किए जाएंगे, जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स प्रदेश की आर्थिक प्रगति की रीढ़ हैं और सरकार उनके साथ साझेदारी के भाव से काम कर रही है। मानेसर में आयोजित यह बजट-पूर्व परामर्श बैठक हरियाणा को स्टार्टअप और उद्योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


