मोहाली स्थित सीजीसी यूनिवर्सिटी में आयोजित राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव ‘साहित्याम–2026’ में मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विकसित भारत–2047’ की परिकल्पना की असली आधारशिला आज का युवा वर्ग है। उन्होंने कहा कि यह साहित्य महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि नए भारत की चेतना का ऐसा मंच है, जहां युवा अपने विचारों, रचनात्मकता और संकल्प के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा तय कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक या तकनीकी प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका आशय विचारों से समृद्ध, मूल्यों में सशक्त और सामाजिक रूप से संवेदनशील समाज के निर्माण से है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज में नैतिक मूल्य, संवेदनशीलता और समावेशी सोच नहीं होगी, तब तक विकास अधूरा रहेगा। साहित्य और संस्कृति ऐसे माध्यम हैं, जो समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहें और अपनी प्रतिभा का उपयोग राष्ट्रहित में करें। उन्होंने कहा कि आज का युवा सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित न रहे, बल्कि वह नवाचार, शोध और रचनात्मकता के जरिए देश की प्रगति में सहभागी बने। ‘साहित्याम–2026’ जैसे आयोजन युवाओं को अपने विचार व्यक्त करने और समाज के मुद्दों पर गंभीर मंथन करने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और यह हमें हमारी जड़ों से जोड़कर रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों और युवा लेखकों से आग्रह किया कि वे अपनी लेखनी के माध्यम से समाज की सच्चाइयों, चुनौतियों और उम्मीदों को सामने लाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों और साहित्य का महत्व कम नहीं हुआ है, बल्कि सही मार्गदर्शन के लिए साहित्य की भूमिका और अधिक बढ़ गई है।
महोत्सव के दौरान विभिन्न साहित्यिक सत्र, कविता पाठ, परिचर्चाएं और युवा लेखकों की रचनाओं की प्रस्तुतियां आयोजित की गईं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों और छात्रों ने इन सत्रों में भाग लिया और अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए प्रेरित करना रहा।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रबंधन और आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘साहित्याम–2026’ से निकले विचार और संकल्प आने वाले वर्षों में देश को एक मजबूत, समृद्ध और संवेदनशील राष्ट्र बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और युवाओं से अपील की कि वे विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें।


