नवांशहर के बंगा में 5 निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर औचक निरीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने PC-PNDT एक्ट के तहत रिकॉर्ड, रजिस्टर और नियमों की जांच की और लिंग जांच पर सख्ती की चेतावनी दी।
सिविल सर्जन के निर्देश पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. हरीश किरपाल ने बंगा शहर में स्थित पांच निजी अल्ट्रासाउंड स्कैन सेंटरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी सेंटरों में रखे जाने वाले जरूरी रिकॉर्ड, रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हर सेंटर सरकार द्वारा तय नियमों का सही ढंग से पालन कर रहा है।
निरीक्षण के समय अधिकारियों ने यह भी जांचा कि सभी सेंटरों पर PC-PNDT एक्ट के तहत अनिवार्य साइन बोर्ड स्पष्ट रूप से लगाए गए हैं या नहीं और कहीं किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हो रही है। डॉ. हरीश किरपाल ने बताया कि गर्भ में लिंग जांच करना कानूनन गंभीर अपराध है और इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिले में लिंग अनुपात को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर इस तरह की सरप्राइज चेकिंग करता रहेगा। अधिकारियों का मानना है कि नियमित निगरानी से न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि अवैध गतिविधियों पर भी रोक लगेगी।
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डॉ. किरपाल ने सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि वे अपने रिकॉर्ड अपडेट रखें, तय गाइडलाइंस के अनुसार ही काम करें और किसी भी स्थिति में कानून का उल्लंघन न करें। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं भी PC-PNDT एक्ट के उल्लंघन की जानकारी मिले, तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन को सूचित करें।
इस निरीक्षण के दौरान एग्जीक्यूटिव PC-PNDT को-ऑर्डिनेटर हरनेक सिंह भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रहेंगी, ताकि जिले में कानून का सख्ती से पालन हो और सामाजिक संतुलन बनाए रखा जा सके।


