हर साल 2 दिसंबर को पूरे देश में राष्ट्रीय प्रदूषण रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है। यह दिवस 1984 में हुई भीषण भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों की स्मृति को समर्पित है, जिसमें हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और लाखों लोग प्रभावित हुए थे।
भोपाल गैस त्रासदी को दुनिया की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में गिना जाता है। इस घटना ने न केवल देश को झकझोर दिया बल्कि औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता को भी उजागर किया।
राष्ट्रीय प्रदूषण रोकथाम दिवस पर विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार, वर्कशॉप और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियान चलाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए उद्योगों, सरकार और आम जनता को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर नागरिकों को प्रदूषण कम करने, सुरक्षित औद्योगिक प्रक्रियाओं को अपनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया जाता है।
ਕੌਮੀ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਰੋਕਥਾਮ ਦਿਵਸ ਹਰ ਸਾਲ 2 ਦਸੰਬਰ ਨੂੰ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਰੋਕਥਾਮ ਤੇ ਉਦਯੋਗਿਕ ਸੁਰੱਖਿਆ ਦੇ ਮਹੱਤਵ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਵਧਾਉਣ ਦੇ ਉਦੇਸ਼ ਨਾਲ ਅਤੇ 1984 ਦੇ ਭੋਪਾਲ ਗੈਸ ਤ੍ਰਾਸਦੀ ਦੌਰਾਨ ਆਪਣੀਆਂ ਜਾਨਾਂ ਗੁਆਉਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ।#NationalPollutionControlDay#ਕੌਮੀ_ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ_ਰੋਕਥਾਮ_ਦਿਵਸ… pic.twitter.com/CBMXTG6fOv
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) December 2, 2025


