हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने मुरथल के प्रसिद्ध ढाबा संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को अनिवार्य बताया। बैठक में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पर्यावरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) तथा NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के दिशा-निर्देशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करना होगा।
मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुरथल देशभर में अपने ढाबों और खान-पान के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन बढ़ते व्यवसाय के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी ढाबा संचालकों को अपने प्रतिष्ठानों में STP (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) या CTP (कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट) की स्थापना करनी होगी, ताकि गंदे पानी का उचित उपचार किया जा सके और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाया जा सके।
बैठक में मंत्री ने यह भी कहा कि ढाबा संचालकों के पास वैध CLU (चेंज ऑफ लैंड यूज) होना अनिवार्य है। इसके साथ ही हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तय किए गए सभी मानकों और नियमों का पालन करना जरूरी होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति या नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और आवश्यक होने पर अन्य कानूनी कदम भी शामिल हैं।
श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सभी ढाबे स्वच्छ, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल तरीके से संचालित हों। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण न केवल स्थानीय लोगों के लिए जरूरी है, बल्कि यहां आने वाले लाखों पर्यटकों और ग्राहकों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
मंत्री ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पानी एक अमूल्य संसाधन है और इसके दुरुपयोग या प्रदूषण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ढाबा संचालकों से अपील की कि वे वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और ऊर्जा संरक्षण जैसे उपायों को भी अपनाएं, ताकि पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।
बैठक के दौरान ढाबा संचालकों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव मंत्री के सामने रखे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करेंगे, बशर्ते उन्हें आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और समय दिया जाए। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ढाबा संचालकों को नियमों की जानकारी दें और आवश्यक प्रक्रियाओं में सहयोग करें।
अंत में श्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुरथल को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का मॉडल बनाया जाएगा, ताकि यह क्षेत्र न केवल स्वादिष्ट भोजन के लिए, बल्कि स्वच्छ और हरित वातावरण के लिए भी पहचाना जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, प्रशासन और व्यवसायियों के सामूहिक प्रयास से यह लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा।


