तमिल कर्नाटक संगीत की महान गायिका और भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की बायोपिक बनने जा रही है। फिल्म का निर्देशन गौतम तिन्ननुरी करेंगे और मुख्य भूमिका में नजर आएंगी साई पल्लवी, जिन्होंने रोल की तैयारी के लिए कर्नाटक संगीत की ट्रेनिंग शुरू कर दी है।
भारतीय संगीत जगत की सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों में शामिल भारत रत्न एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी के जीवन पर अब आधिकारिक रूप से बायोपिक बनने जा रही है। तमिल कर्नाटक संगीत की इस महान गायिका की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की जिम्मेदारी संभालेंगे जाने-माने निर्देशक गौतम तिन्ननुरी। इस बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट में मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी अभिनेत्री साई पल्लवी।
हालांकि फिल्म का औपचारिक ऐलान अभी होना बाकी है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़ी विश्वसनीय जानकारी के मुताबिक साई पल्लवी ने इस चुनौतीपूर्ण किरदार की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि वह कर्नाटक वोकल म्यूजिक की ट्रेनिंग ले रही हैं ताकि एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी के व्यक्तित्व और उनकी गायकी को पर्दे पर ईमानदारी से उतार सकें।
सूत्रों के अनुसार, निर्देशक गौतम तिन्ननुरी इस वक्त फिल्म के लिए गहन रिसर्च में जुटे हुए हैं। वहीं साई पल्लवी महान गायिका से जुड़ा हर संभव वीडियो फुटेज और रिकॉर्डिंग देख रही हैं, ताकि उनके हाव-भाव, मंच पर मौजूदगी और व्यक्तित्व को करीब से समझ सकें। एक करीबी सूत्र ने बताया कि यह रोल साई पल्लवी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं में से एक हो सकता है।
एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी सिर्फ एक गायिका ही नहीं, बल्कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की पहचान थीं। उन्हें उनकी अद्भुत गायकी और भक्ति संगीत के लिए दुनियाभर में सम्मान मिला। भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से भी सम्मानित किया था, जो किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा गौरव माना जाता है।
फिल्म इंडस्ट्री में इस बायोपिक को लेकर पहले से ही काफी उत्साह है, खासकर इसलिए क्योंकि साई पल्लवी अपने नैचुरल अभिनय और मजबूत किरदारों के लिए जानी जाती हैं। माना जा रहा है कि वह इस भूमिका में न सिर्फ एक्टिंग बल्कि भावनात्मक गहराई और संगीत की आत्मा को भी बखूबी पेश करेंगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट इसी साल के अंत तक फ्लोर पर जाने की तैयारी में है। मेकर्स इसे एक सम्मानजनक, रिसर्च-आधारित और प्रेरणादायक फिल्म के रूप में पेश करना चाहते हैं, ताकि नई पीढ़ी भी एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी के योगदान और विरासत को समझ सके।
कुल मिलाकर, यह बायोपिक न सिर्फ साई पल्लवी के करियर का एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकती है, बल्कि भारतीय संगीत इतिहास को बड़े पर्दे पर सम्मान देने की एक अहम कोशिश भी होगी।


