मोगा ज़िले के शहीदों की धरती कहे जाने वाले गाँव ढुड्डीके में पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी एवं ग़दरी बाबाओं की पावन स्मृति में भव्य खेल मेले का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, स्थानीय प्रशासन, खेल प्रेमियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य शहीदों की विरासत को जीवंत रखना और युवाओं को खेलों के माध्यम से राष्ट्रनिर्माण की दिशा में प्रेरित करना रहा।
खेल मेले के दौरान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जी की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धा के पुष्प अर्पित किए गए। वक्ताओं ने अपने संबोधन में लाला लाजपत राय जी के जीवन, उनके बलिदान, राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी आंदोलन में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। उन्होंने कहा कि लाला जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्श आज भी देश को सही दिशा दिखाते हैं।
कार्यक्रम में ग़दरी बाबाओं के संघर्ष और बलिदान को भी नमन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि ग़दरी आंदोलन ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा दी और विदेशी शासन के खिलाफ जनजागरण की अलख जगाई। ढुड्डीके जैसे गाँवों ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई है, जिस पर पूरे पंजाब को गर्व है।
खेल मेले में कबड्डी और हॉकी जैसे लोकप्रिय खेलों के रोमांचक मुकाबले आयोजित किए गए। कबड्डी को “माँ खेल” बताते हुए ग्रामीण खेल संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया गया, वहीं राष्ट्रीय खेल हॉकी के मैचों ने दर्शकों में विशेष उत्साह भर दिया। जनप्रतिनिधियों ने लोगों के बीच बैठकर मैचों का आनंद लिया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों के जोश, अनुशासन और खेल भावना की सभी ने सराहना की।
इस अवसर पर खेलों में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दी गईं और उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक और मानसिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने का भी सशक्त जरिया हैं।
आयोजकों द्वारा रखी गई मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए यह आश्वासन दिया गया कि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। खेल सुविधाओं के विस्तार, मैदानों के विकास और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
समापन पर यह संदेश दिया गया कि शहीदों की स्मृति में ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना मजबूत होती है। ढुड्डीके का यह खेल मेला न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने में सफल रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम बना।


