हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए शुरू किए गए म्हारी सड़क ऐप की हर माह जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐप सड़क अवसंरचना से जुड़ी समस्याओं के समाधान में जनता और सरकार के बीच एक मजबूत सेतु बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री ने ऐप की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक नागरिकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए सभी पंजीकृत ड्राइविंग लाइसेंस धारकों और वाहन मालिकों को संदेश भेजे जाएं, ताकि वे सड़क से जुड़ी समस्याओं की जानकारी सीधे ऐप पर दर्ज कर सकें। उन्होंने इसे “जनभागीदारी आधारित विकास” का प्रभावी उदाहरण बताया।
बैठक में जानकारी दी गई कि अब तक ऐप पर 24,482 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 10,501 शिकायतों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 12,930 शिकायतें प्रगति पर हैं। शिकायतों के समाधान के बाद 1,770 नागरिकों ने संतुष्टि भी दर्ज कराई है। ऐप के माध्यम से अब तक लगभग 1.18 लाख किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और गलत रिपोर्टिंग पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला व उपमंडल स्तर के लगभग दो दर्जन अधिकारियों के खिलाफ जांच और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवरड्यू शिकायतों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ को निर्देश दिए कि प्रदेश में कितनी सड़कों की मरम्मत पूरी हो चुकी है, कितनी पर कार्य चल रहा है और शेष कार्य कब तक पूरा होगा—इसकी विस्तृत रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। उन्होंने बताया कि लगभग 46,531 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है, जबकि 3,000 किलोमीटर सड़कों पर धुंध के मौसम को ध्यान में रखते हुए सफेद पट्टियां भी लगाई जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि सरकार प्रत्येक जिले में एक सड़क को स्मार्ट रोड के रूप में विकसित करेगी, जहां पैदल यात्रियों के लिए पाथवे जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि सड़कों से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और सरकार त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव Rajesh Khullar, एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक Chandra Shekhar Khare, एसीएस Anurag Aggarwal सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


