कुरुक्षेत्र — आज कुरुक्षेत्र केवल एक ऐतिहासिक स्थल ही नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक तीर्थ, सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहा है। हर साल आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव ने इस क्षेत्र की महत्ता को और बढ़ा दिया है।
महोत्सव के माध्यम से कुरुक्षेत्र की दिव्यता, संस्कृति और गीता का शाश्वत संदेश देश-विदेश में फैल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को भी हरियाणा और कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर से परिचित कराता है।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने महोत्सव के आयोजन में विशेष व्यवस्था की है, जिससे पर्यटक और श्रद्धालु सुचारू रूप से कार्यक्रमों में भाग ले सकें। कार्यक्रम के दौरान भजन, योग सत्र, वेदों का पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाती हैं, जो उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती हैं।
कुरुक्षेत्र में इस महोत्सव का महत्व सिर्फ धार्मिक या सांस्कृतिक ही नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक समरसता को भी मजबूत करने का काम करता है।
आज कुरुक्षेत्र एक आध्यात्मिक तीर्थ, सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के माध्यम से कुरुक्षेत्र की दिव्यता और गीता का संदेश पूरे विश्व में पहुंच रहा है। pic.twitter.com/ksHSGAPn04
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 4, 2025


