अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान गीता की जन्मस्थली और भगवान श्री कृष्ण के पावन चरणों से अभिमंत्रित इस दिव्य भूमि पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। कुरुक्षेत्र की यह ऐतिहासिक एवं पवित्र धरती अपने आप में शांति, ऊर्जा और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम प्रस्तुत करती है।
श्रद्धालुओं और आगंतुकों का कहना है कि इस भूमि पर कदम रखते ही एक अद्भुत सुकून और आध्यात्मिक शक्ति का एहसास होता है। वहीं कई भक्तों ने इसे जीवन के सबसे शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षणों में से एक बताया।
कार्यक्रम में पहुंचे प्रतिनिधियों ने कहा कि कुरुक्षेत्र वह पवित्र स्थल है जहां भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को अमर उपदेश देते हुए श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान दिया था। यही कारण है कि यह जगह सदियों से अध्यात्म, धर्म और दर्शन का केंद्र बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं और सभी ने इस दिव्य स्थल की ऊर्जा, पवित्रता और वातावरण की सराहना की है।
गीता की जन्मस्थली और भगवान श्री कृष्ण जी के चरणों से पावन हुई इस धरती पर प्राप्त होने वाला अनुभव अत्यंत दिव्य एवं शांति प्रदान करने वाला है। pic.twitter.com/xKMfGa9Bv3
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 1, 2025


