हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि लगभग 135 किलोमीटर लंबा कुंडली-मानसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेस-वे राज्य की औद्योगिक क्रांति की रीढ़ साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह एक्सप्रेस-वे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण संपत्ति है और आने वाले वर्षों में राज्य के औद्योगिक विस्तार को नई दिशा देगा।
चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में उद्योग मंत्री ने कहा कि वर्ष 2031 की संभावित जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने KMP एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर 5 नए शहर विकसित करने के उद्देश्य से पंचग्राम विकास प्राधिकरण का गठन किया है। इन नए शहरों के विकास से न केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) को नई दिशा मिलेगी, बल्कि दिल्ली पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत-2047” के विजन को साकार करने में दिल्ली और एनसीआर की भूमिका बेहद अहम है और KMP एक्सप्रेस-वे इस दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी औद्योगिक नीति में आवश्यक संशोधन किए हैं, ताकि निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि HSIIDC की जिम्मेदारी केवल राजस्व अर्जित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उद्योगपतियों को सुविधाजनक सेवाएं, त्वरित प्रक्रियाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना निगम का मूल उद्देश्य होना चाहिए। इससे राज्य में निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
उद्योग मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2030 तक औद्योगिक विकास को और तेज करने के लिए 10 नई IMT (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग टाउनशिप) स्थापित करने की घोषणा की थी, जिनमें से 5 IMT को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है और उन्हें विकसित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष उद्योग विभाग के बजट में 125 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी और आगामी बजट में इस बढ़ोतरी को और आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि राज्य का औद्योगिक विस्तार लगातार जारी रह सके।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 10 में से 3 IMT राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में विकसित की जाएंगी, जिनकी धुरी KMP एक्सप्रेस-वे रहेगा। इसके साथ ही विकसित किए जाने वाले 5 नए शहर ‘विकसित भारत’ के आकर्षण का केंद्र बनेंगे और रोजगार, आवास तथा आधुनिक सुविधाओं के नए अवसर पैदा करेंगे।
राव नरबीर सिंह ने यह भी कहा कि हरियाणा, जो कभी हरित क्रांति का अग्रदूत रहा है, आज गुरुग्राम को आईटी हब के रूप में स्थापित कर बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे वैश्विक पहचान वाले शहरों को चुनौती दे चुका है। आने वाले समय में जब 10 नई IMT पूरी तरह विकसित होंगी, तब हरियाणा देश की औद्योगिक क्रांति का सिरमौर बनकर उभरेगा।


