हरियाणा के कृषि मंत्री रणबीर गंगवा ने करनाल में आयोजित चौथे आलू एक्सपो के समापन समारोह के अवसर पर कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले बीज आलू उत्पादन के क्षेत्र में हरियाणा तेजी से देश के अग्रणी कृषि राज्यों में शामिल हो रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने से राज्य में बीज आलू उत्पादन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।
कृषि मंत्री ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में हरियाणा सरकार ने कृषि नवाचार, शोध और तकनीकी हस्तक्षेपों को प्राथमिकता दी है। आलू उत्पादन में उन्नत किस्मों, टिश्यू कल्चर, एरिएटेड स्टोरेज, ड्रिप सिंचाई और सटीक पोषण प्रबंधन जैसी तकनीकों के उपयोग से न केवल उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर हुई है, बल्कि किसानों की लागत में कमी आई है और आय में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होने से किसानों को बाहर के राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
मंत्री ने यह भी बताया कि हरियाणा की जलवायु और मिट्टी आलू बीज उत्पादन के लिए अनुकूल है। सरकार ने किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जोड़ने के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इसके परिणामस्वरूप राज्य में बीज आलू की मांग बढ़ रही है और अन्य राज्यों के किसान भी हरियाणा से बीज आलू खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। यह प्रदेश के किसानों के लिए नए व्यावसायिक अवसर खोल रहा है।
चौथे आलू एक्सपो के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि यह आयोजन किसानों और खरीदारों को एक साझा मंच प्रदान करता है, जहां उन्हें नवीन तकनीकों, बेहतर किस्मों और बाजार की जरूरतों की प्रत्यक्ष जानकारी मिलती है। एक्सपो के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। साथ ही, प्रोसेसर, व्यापारी और निर्यातक भी सीधे किसानों से जुड़ पाते हैं, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है।
समापन समारोह के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 16 किसानों को आलू रत्न और आलू सम्मान पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। कृषि मंत्री ने सम्मानित किसानों को बधाई देते हुए कहा कि ये किसान अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इनके अनुभव और सफल मॉडल से प्रदेश के अन्य किसान भी आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होंगे।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आलू उत्पादन, भंडारण, मूल्य संवर्धन और निर्यात संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। किसानों को रोग प्रबंधन, जल संरक्षण और जलवायु अनुकूल खेती के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि हरियाणा को आलू बीज उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।
अंत में कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। आलू एक्सपो जैसे आयोजनों से तकनीक, बाजार और किसान—तीनों के बीच मजबूत सेतु बनता है, जो राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


