करनाल स्थित नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी में आयोजित पहली दीक्षांत परेड समारोह प्रदेश की जेल व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बन गया। इस कार्यक्रम में 116 सहायक अधीक्षक और वॉर्डन ने सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा कर सेवा में प्रवेश किया। यह दिन न केवल इन नव-प्रशिक्षित अधिकारियों के लिए, बल्कि उनके परिवारजनों और पूरे राज्य के लिए गर्व और उत्साह का अवसर रहा।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह दीक्षांत परेड नए जीवन, नए दायित्व और राष्ट्रसेवा की ओर पहला कदम है। नवनिर्मित अकादमी में आयोजित यह पहला कार्यक्रम प्रदेश की जेल प्रणाली में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक है। परेड ग्राउंड पर जब प्रशिक्षु अधिकारी अनुशासित कदमों के साथ मार्च करते नजर आए, तो उनके माता-पिता और परिजन भावुक हो उठे। कई अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों को वर्दी में देखकर संतोष, आत्मविश्वास और गर्व साफ झलक रहा था।
समारोह को संबोधित करते हुए कहा गया कि जेल व्यवस्था केवल सजा देने की प्रणाली नहीं है, बल्कि सुधार और पुनर्वास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में जेल कर्मियों की भूमिका और भी ज्यादा जिम्मेदार और संवेदनशील हो जाती है। नए प्रशिक्षित अधिकारियों से अपेक्षा जताई गई कि वे कानून के दायरे में रहते हुए मानवता और न्याय के मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता देंगे।
इस मौके पर सरकार की ओर से एक अहम घोषणा भी की गई। जेल वार्डन और हेड वार्डन के भत्तों को हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के समान किए जाने की घोषणा से कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे और अधिक समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकेंगे। यह कदम जेल विभाग के आधुनिकीकरण और कर्मचारियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि भविष्य में जेल कर्मियों को बेहतर और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा सके। यहां कानून, मानवाधिकार, व्यवहारिक प्रशिक्षण, आपदा प्रबंधन और अनुशासन जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इससे राज्य की जेल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और मानवीय बनाने में मदद मिलेगी।
दीक्षांत परेड के दौरान प्रशिक्षुओं ने अनुशासन, समर्पण और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन किया। समारोह में मौजूद वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी इस उपलब्धि के साक्षी बने। कार्यक्रम के अंत में सभी सफल प्रशिक्षुओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं और उनसे अपेक्षा जताई गई कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करेंगे।
कुल मिलाकर, यह दीक्षांत परेड समारोह न केवल 116 नए अधिकारियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, बल्कि हरियाणा की जेल व्यवस्था के लिए भी एक नई और सकारात्मक शुरुआत का संकेत बनकर उभरा।


