करण जौहर ने कहा कि बॉलीवुड में कलाकारों के बीच वफादारी की कमी है, असुरक्षा के कारण वे बार-बार टैलेंट एजेंसियां बदलते हैं और सिर्फ कमीशन मॉडल से काम नहीं चलता।
फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर Karan Johar ने हाल ही में इंडस्ट्री की बदलती संस्कृति पर खुलकर बात की और कहा कि आज के दौर में कलाकारों के बीच पेशेवर वफादारी लगभग खत्म हो चुकी है।
एक बातचीत में करण ने टैलेंट मैनेजमेंट बिजनेस की चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि हर दो साल में कलाकार एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में शिफ्ट हो जाते हैं। उनके अनुसार, यह असुरक्षा की भावना का परिणाम है, जहां कलाकार खुद को समयबद्ध मानते हैं और लगातार बेहतर मौके की तलाश में रहते हैं।
🎭 टैलेंट मैनेजमेंट ‘फेयरीटेल’ नहीं
करण, जो Dharma Cornerstone Agency (DCAA) के सह-मालिक हैं, ने कहा कि इस बिजनेस का 90% हिस्सा लोगों, उनके अहंकार और असुरक्षाओं को संभालने में जाता है।
उन्होंने कहा कि यदि टैलेंट मैनेजमेंट को सिर्फ एक बिजनेस अवसर की तरह देखा जाए तो सफलता मिलना मुश्किल है। कमीशन आधारित मॉडल अब पर्याप्त नहीं है और एजेंसियों को इक्विटी आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना होगा।
🗣️ ‘कलाकार किसी के नहीं होते’
करण ने तीखा बयान देते हुए कहा कि सिर्फ कमीशन से एजेंसी नहीं चल सकती क्योंकि कलाकार स्थायी रूप से किसी के नहीं होते। उन्होंने इशारों में कहा कि दो साल की मेहनत के बाद जब कोई कलाकार अचानक एजेंसी बदल देता है तो यह एक दुष्चक्र बन जाता है।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब हाल ही में Janhvi Kapoor ने DCAA छोड़कर दूसरी एजेंसी जॉइन की थी।
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🎬 31 साल का अनुभव, ‘जेन’ नजरिया
करण ने अपने 31 साल के करियर पर भी बात की और कहा कि अब वे सफलता और असफलता को लेकर संतुलित दृष्टिकोण रखते हैं। उनके अनुसार, यदि खुशी और दुख को सिर्फ बॉक्स ऑफिस परिणामों से जोड़ा जाए तो जीवन अस्थिर हो जाएगा।
फिलहाल DCAA से Sara Ali Khan, Rohit Saraf, शानाया कपूर और राशा थडानी जैसे नाम जुड़े हुए हैं।
करण जौहर के इस बयान ने बॉलीवुड में टैलेंट मैनेजमेंट और पेशेवर रिश्तों पर नई बहस छेड़ दी है।

