हरियाणा के कैथल जिले के गांव खानपुर में उस समय खास माहौल बन गया, जब एक सार्वजनिक दौरे के दौरान काफिला अचानक रुक गया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की गई। बिना किसी औपचारिक मंच के, सीधे गांव की गलियों में उतरकर जनप्रतिनिधि ने ग्रामीणों से बातचीत की, उनका हाल-चाल जाना और रोजमर्रा की समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस अनौपचारिक लेकिन आत्मीय मुलाकात ने गांव के लोगों को सुखद आश्चर्य में डाल दिया।
गांव में रुकते ही बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। लोगों ने पानी, सड़क, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे मुद्दों पर अपनी बातें रखीं। बातचीत के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि सरकार और प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ज़मीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। ग्रामीणों ने अपनी ओर से सुझाव भी दिए और कुछ स्थानीय जरूरतों की ओर ध्यान दिलाया।
इस मौके पर ग्रामीणों का कहना था कि जब कोई नेता या जनप्रतिनिधि सीधे गांव आकर उनकी बात सुनता है, तो भरोसा और मजबूत होता है। कई बुजुर्गों ने इसे “पुराने समय की परंपरा” बताया, जब नेता सीधे जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझते थे। युवाओं ने रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, जबकि महिलाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता से जुड़े सुझाव रखे।
मुलाकात के दौरान यह भी कहा गया कि हरियाणा के लोगों का स्नेह और आशीर्वाद ही सार्वजनिक जीवन में सेवा की प्रेरणा देता है। ग्रामीणों के बीच मौजूद आत्मीयता और अपनापन देखकर माहौल भावुक भी हो गया। लोगों ने कहा कि इस तरह के अचानक और बिना औपचारिकता वाले संवाद से प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम होती है।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि गांव से मिली प्रतिक्रियाओं और सुझावों को संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आवश्यक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि विकास कार्य तभी सफल होते हैं, जब उनमें लोगों की भागीदारी और उनकी वास्तविक जरूरतों को शामिल किया जाए। खानपुर के ग्रामीणों से मिली फीडबैक को इसी दिशा में एक अहम इनपुट माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के जनसंपर्क कार्यक्रम न सिर्फ जनता का भरोसा बढ़ाते हैं, बल्कि नीति निर्माण के लिए भी ज़मीनी सच्चाई सामने लाते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां कई बार लोगों की समस्याएं फाइलों तक पहुंचते-पहुंचते बदल जाती हैं, वहां सीधे संवाद की अहमियत और बढ़ जाती है।
कुल मिलाकर, कैथल के गांव खानपुर में हुई यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक पड़ाव नहीं, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधि के बीच भरोसे और संवाद का प्रतीक बनकर सामने आई। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के संवाद होते रहेंगे और उनकी आवाज़ सीधे निर्णय लेने वालों तक पहुंचती रहेगी। वहीं, इस मुलाकात ने यह भी संदेश दिया कि सेवा की असली ताकत जनता के स्नेह और आशीर्वाद से ही मिलती है।


