नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहे विस्तार को सुचारु और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स और ट्रांसमिशन सर्विस प्रोवाइडर्स के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संबंधित मंत्री ने की, जबकि कैबिनेट सहयोगी श्री प्रल्हाद जोशी भी इस महत्वपूर्ण चर्चा में शामिल रहे। बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में पूर्वानुमेयता (Predictability) बढ़ाना, निष्पादन जोखिमों (Execution Risks) को कम करना और ग्रिड की तैयारी को मजबूत करना रहा। इस दौरान बेहतर योजना, सटीक पूर्वानुमान (Forecasting) और ऊर्जा भंडारण (Storage Integration) को नवीकरणीय ऊर्जा विकास की रीढ़ बताया गया। अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि इन तीनों तत्वों के प्रभावी समन्वय से परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्ति और ऊर्जा आपूर्ति की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की वृद्धि को ट्रांसमिशन प्लानिंग के साथ पूरी तरह संरेखित किया जाए। वक्ताओं ने कहा कि यदि उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ती है, लेकिन ट्रांसमिशन नेटवर्क समय पर तैयार नहीं होता, तो बिजली की निकासी (Evacuation) में बाधाएं आती हैं। इससे न केवल परियोजनाओं में देरी होती है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी प्रभावित होता है। इसलिए उत्पादन और ट्रांसमिशन—दोनों को समान गति से आगे बढ़ाना आवश्यक है।
ऊर्जा भंडारण के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा गया कि सौर और पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय स्रोतों की प्रकृति अस्थिर होती है। ऐसे में बैटरी स्टोरेज और अन्य भंडारण समाधानों को ग्रिड के साथ एकीकृत करना भविष्य की जरूरत है। इससे पीक डिमांड के समय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और ग्रिड की स्थिरता भी बनी रहेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परियोजनाओं के समय पर निष्पादन के लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को और बेहतर बनाया जाएगा। भूमि अधिग्रहण, अनुमतियों, तकनीकी मानकों और ग्रिड कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर अग्रिम योजना बनाने की आवश्यकता पर सहमति बनी, ताकि बाद में किसी तरह की बाधा न आए।
कैबिनेट मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को देश की ऊर्जा सुरक्षा और हरित भविष्य का आधार मानती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नीति स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि डेवलपर्स और ट्रांसमिशन कंपनियों को स्थिर और सहयोगी वातावरण मिल सके।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि सरकार, उद्योग और ट्रांसमिशन एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से ही नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सकता है। बेहतर योजना, तकनीकी नवाचार और मजबूत ग्रिड इन्फ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से देश को स्वच्छ, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


