नई दिल्ली। महान वीरांगना झलकारी बाई जी की जयंती पर आज पूरे देश में उनके बलिदान, साहस और अदम्य वीरता को स्मरण किया गया। विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि झलकारी बाई का जीवन राष्ट्र उत्थान, समाज कल्याण और न्याय की रक्षा के लिए प्रेरणा स्रोत है।
नेताओं ने कहा कि झलकारी बाई जी ने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजों के विरुद्ध जिस अदम्य साहस का परिचय दिया, वह हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है। उनकी वीरता, समर्पण और त्याग आज भी नई पीढ़ी को राष्ट्र सेवा और समाजहित के लिए कार्य करने का संकल्प देता है।
देशभर में आज उनके सम्मान में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें पुष्पांजलि, विचार गोष्ठियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके जीवन और संघर्षों को याद किया गया। लोगों ने कहा कि झलकारी बाई का अद्वितीय योगदान भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है और उनकी प्रेरक गाथा सदैव राष्ट्र को मार्गदर्शन देती रहेगी।
झलकारी बाई जी की जयंती पर देशभर से आए श्रद्धांजलि संदेशों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि उनका शौर्य और बलिदान भारतीय इतिहास और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है।
वीरता, समर्पण और अदम्य साहस की पर्याय महान वीरांगना झलकारी बाई जी की जयंती पर कोटिशः नमन। उनका शौर्य हमें सदैव राष्ट्र उत्थान, समाज कल्याण और न्याय के लिए दृढ़ संकल्पित रहने की प्रेरणा देता है। pic.twitter.com/hIN8hFmBte
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) November 22, 2025


