जनसेवा म्ह ल्गया रहूं नित, कर ईश्वर का ध्यान…
धन मेरा विश्वास आपका, मेरी पूंजी थारी मुस्कान…”—इन पंक्तियों के माध्यम से जनसेवा, आस्था और लोककल्याण के प्रति समर्पण का भाव व्यक्त किया गया। संदेश में कहा गया कि जनप्रतिनिधि का वास्तविक धन जनता का विश्वास और उनकी मुस्कान होती है, और यही सेवा की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि सुशासन का आधार जनसेवा है, जिसमें संवेदना, ईमानदारी और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना और समाज में भरोसे का वातावरण बनाना है।
कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि जनसेवा केवल दायित्व नहीं, बल्कि एक सतत साधना है—जहां ईश्वर का स्मरण, कर्तव्यनिष्ठा और जनता के प्रति उत्तरदायित्व साथ-साथ चलते हैं। यह संदेश युवाओं और जनप्रतिनिधियों को सेवा, विश्वास और मानवीय मूल्यों के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
जनसेवा म्ह ल्गया रहूं नित, कर ईश्वर का ध्यान…
धन मेरा विश्वास आपका, मेरी पूंजी थारी मुस्कान.. pic.twitter.com/JzliHTeOV8
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 26, 2025


