कुरुक्षेत्र। पवित्र धर्मनगरी कुरुक्षेत्र की दिव्य भूमि पर इस वर्ष #InternationalGitaMahotsav 2025 बड़े ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 24 नवंबर से शुरू होंगे, जिनकी शुरुआत गीता यज्ञ और गीता पूजन के साथ होगी।
धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से सजे इस महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 1 दिसंबर को भव्य दीपदान के साथ संपन्न होंगे। ब्रह्मसरोवर में आयोजित होने वाला दीपदान हर वर्ष की तरह इस बार भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगा, जिसमें हजारों दीपकों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठेगा।
इसके साथ-साथ, सरस मेला और शिल्प मेला—जहां विभिन्न राज्यों के कलाकार, कारीगर और सांस्कृतिक दल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे—5 दिसंबर 2025 तक जारी रहेगा। इन मेलों में कला, संस्कृति, लोक नृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का संगम देखने को मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव न केवल अध्यात्म का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक पहचान, भारतीय दर्शन और सामाजिक सद्भाव का भी अनूठा उत्सव है।


