विश्वभर में आज 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस मनाया गया। इस दिवस का उद्देश्य दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा, उनके कल्याण को सुनिश्चित करना और समाज में समान अवसरों की भावना को मजबूत बनाना है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित इस अवसर पर विभिन्न देशों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों ने विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों का मुख्य संदेश यह रहा कि दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनकी प्रतिभा, क्षमता एवं योगदान को मुख्यधारा में स्थान मिलना चाहिए।
कार्यक्रमों में विशेषज्ञों और वक्ताओं ने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, तकनीकी सुविधाओं और सार्वजनिक स्थलों तक बेहतर पहुँच उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सहानुभूति से अधिक जरूरी है—समान अधिकार, समावेशी वातावरण और सशक्तिकरण.
दिव्यांगजन दिवस पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, कौशल प्रदर्शन, वर्कशॉप, सेमिनार और जागरूकता रैलियाँ शामिल रहीं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह आह्वान किया कि समाज का प्रत्येक नागरिक दिव्यांगजनों के लिए सम्मान, संवेदनशीलता और सहयोग की भावना रखे।
इस अवसर पर सरकार और प्रशासन ने भी दिव्यांगजनों के लिए चल रही योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने का संकल्प दोहराया।
The International Day of Persons with Disabilities is observed annually on 3 December to promote the rights and ensure the well-being of persons with disabilities.#InternationalDayOfPersonsWithDisabilities#GovernmentOfPunjab#ਪੰਜਾਬ_ਸਰਕਾਰ pic.twitter.com/pkUIlvSp8E
— Government of Punjab (@PbGovtIndia) December 3, 2025


