नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है, विशेषकर आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में दोनों देशों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण रहा है। दोनों राष्ट्र लंबे समय से सुरक्षा, ख़ुफिया जानकारी के आदान–प्रदान, रक्षा क्षमता बढ़ाने और आतंकवाद विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
भारत और रूस की नेतृत्व स्तर पर कई बार यह स्पष्ट किया जा चुका है कि आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इसे समाप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अनिवार्य है। इसी संदर्भ में दोनों देशों ने वर्षों से एक-दूसरे का समर्थन करते हुए आतंकवादी नेटवर्क, आतंकी वित्तपोषण और उग्रवादी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ठोस रणनीतियाँ विकसित की हैं।
भारतीय नेतृत्व ने कहा, “आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत और रूस ने लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है।” यह बयान दोनों देशों की गहरी मित्रता और साझा सुरक्षा प्रतिबद्धताओं को और स्पष्ट करता है।
भारत और रूस के बीच नियमित द्विपक्षीय वार्ताओं, संयुक्त सैन्य अभ्यासों, रक्षा सहयोग और सुरक्षा सहयोग समझौतों ने इस साझेदारी को और अधिक मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों देश आतंकवाद और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए और व्यापक रणनीतिक कदम उठा सकते हैं।
भारत–रूस संबंध वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में स्थिरता, शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
"आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई में भारत और रूस ने लंबे समय से कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है" pic.twitter.com/3uVmmNoy8Q
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) December 5, 2025


