T20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 में भारत-साउथ अफ्रीका मैच के दौरान कोचिंग बॉक्स में भिड़ेंगे मॉर्ने और एल्बी मॉर्केल, दोनों कभी साथ खेले थे इंटरनेशनल क्रिकेट।
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 स्टेज में भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाला मुकाबला सिर्फ क्रिकेटिंग टक्कर नहीं रहेगा, बल्कि इसमें एक दिलचस्प फैमिली राइवलरी भी देखने को मिलेगी। 22 फरवरी को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच में दो सगे भाई—मॉर्ने मॉर्केल और एल्बी मॉर्केल—एक-दूसरे के खिलाफ अलग-अलग खेमों में नजर आएंगे।
टीम इंडिया जहां सुपर-8 में अपने अभियान की शुरुआत साउथ अफ्रीका के खिलाफ करेगी, वहीं दोनों टीमें ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन के बाद यहां तक पहुंची हैं। लेकिन इस मैच की सबसे खास कहानी कोचिंग स्टाफ में छुपी है। साउथ अफ्रीका के साथ स्पेशलिस्ट कोचिंग कंसल्टेंट के तौर पर एल्बी मॉर्केल जुड़े हैं, जबकि भारत के बॉलिंग कोच की भूमिका मॉर्ने मॉर्केल निभा रहे हैं। यानी मैदान के बाहर रणनीतियों की जंग में भाई बनाम भाई होगा।
इस अनोखी टक्कर पर एल्बी मॉर्केल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनकी मां शायद उनसे भी ज्यादा टेंशन में हैं, क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह भारत को सपोर्ट करें या साउथ अफ्रीका को। बयान भले ही हल्के-फुल्के हों, लेकिन मुकाबले की गंभीरता और रोमांच इससे कहीं ज्यादा है।
also read :टीबी उन्मूलन की राह पर हरियाणा तेज़ी से आगे: 98% लक्ष्य नोटिफाई, 90% इलाज सफलता दर; डॉ. सुमिता मिश्रा ने पेश की नई पहलें
दोनों भाइयों का क्रिकेट सफर भी कम दिलचस्प नहीं रहा है। एल्बी मॉर्केल ने साउथ अफ्रीका के लिए 1 टेस्ट, 58 वनडे और 50 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले। वह एक विस्फोटक ऑलराउंडर के तौर पर जाने जाते थे, जो बड़े छक्के लगाने और मीडियम पेस गेंदबाजी करने के लिए मशहूर रहे। वहीं, मॉर्ने मॉर्केल का करियर और भी लंबा और प्रभावशाली रहा—उन्होंने 86 टेस्ट, 117 वनडे और 44 टी20 इंटरनेशनल मैचों में तेज गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खूब परेशान किया। उनकी लंबाई और उछाल उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती थी।
एक दौर ऐसा भी था जब ये दोनों भाई साउथ अफ्रीका के लिए एक ही टीम में साथ-साथ खेलते थे। अब समय बदल गया है—आज दोनों अलग-अलग टीमों के कोचिंग सेटअप का हिस्सा हैं। एल्बी मॉर्केल साउथ अफ्रीका के कैंप में खिलाड़ियों पर दबाव कम करने और अच्छा माहौल बनाने पर काम कर रहे हैं, जबकि मॉर्ने मॉर्केल भारतीय टीम के गेंदबाजी आक्रमण को और धार देने में जुटे हैं। भारत का बॉलिंग अटैक हाल के टूर्नामेंट्स में चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जैसे खिताब जीत चुका है, और मॉर्ने उसी ताकत को बरकरार रखने की कोशिश में हैं।
ऐसे में 22 फरवरी का यह मुकाबला सिर्फ भारत बनाम साउथ अफ्रीका नहीं रहेगा, बल्कि रणनीतियों की जंग, अनुभव की टक्कर और भाइयों की प्रतिष्ठा का भी मुकाबला होगा। फैंस के लिए यह मैच डबल एंटरटेनमेंट लेकर आएगा—मैदान पर क्रिकेट की टक्कर और डगआउट में फैमिली राइवलरी का रोमांच।


