होला मोहल्ला 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्री आनंदपुर साहिब और कीरतपुर साहिब में SGPC ने सुरक्षा, ठहरने और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए हैं। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
श्री आनंदपुर साहिब (दलजीत सिंह) — खालसा पंथ की जन्मभूमि श्री आनंदपुर साहिब और श्री कीरतपुर साहिब में आयोजित होने वाले सालाना राष्ट्रीय जोड़ मेला होला मोहल्ला की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से 27 फरवरी से 1 मार्च तक श्री कीरतपुर साहिब में और 2 मार्च से 4 मार्च तक श्री आनंदपुर साहिब में होने वाले इस पावन आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
तख्त श्री केसगढ़ साहिब के मैनेजर मलकीत सिंह ने बताया कि गुरु नगरी में स्थित सभी ऐतिहासिक गुरुद्वारों की रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इन गुरुद्वारों को सजाने-संवारने की तैयारियां की जा रही हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत पूरी श्रद्धा और गरिमा के साथ किया जा सके। उन्होंने बताया कि लाखों संगत के ठहरने के लिए रहने की व्यवस्था, जोड़ाघर, गठरीघर और अन्य जरूरी सुविधाएं पहले ही पूरी कर ली गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन और SGPC पूरी तरह सतर्क है। तख्त साहिब और अन्य प्रमुख गुरुद्वारों के आसपास CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। हर साल की तरह इस बार भी SGPC ने श्री आनंदपुर साहिब के 20 किलोमीटर के दायरे में किसी भी श्रद्धालु के साथ दुर्घटना होने की स्थिति में बीमा सुविधा देने का ऐलान किया है।
मलकीत सिंह ने बताया कि 26 फरवरी (गुरुवार) को गुरुद्वारा किला आनंदगढ़ साहिब में धार्मिक दीवान सजाया जाएगा, जिसके बाद परंपरा के अनुसार रात 12 बजे शौर्य और सम्मान का प्रतीक राष्ट्रीय जोड़ मेला होला मोहल्ला आरंभ होगा। इस आयोजन को मर्यादित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह जी गरगज और तख्त साहिब प्रबंधन कमेटी के साथ लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
शिरोमणि कमेटी के सदस्य भाई अमरजीत सिंह चावला ने बताया कि इस बार देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के श्री आनंदपुर साहिब पहुंचने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि संगत की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं। होला मोहल्ला के तीनों दिनों में तख्त श्री केसगढ़ साहिब में लगातार धार्मिक दीवान होंगे और तख्त साहिब की ऊपरी मंजिल पर अमृत तैयार किया जाएगा।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि होला मोहल्ला केवल उत्सव नहीं, बल्कि गुरु साहिब के बताए मार्ग पर चलने और अमृत छक कर गुरु वाला बनने का अवसर भी है। हर साल की तरह इस बार भी आखिरी दिन दोपहर 12 बजे तख्त श्री केसगढ़ साहिब से अरदास के बाद पंज प्यारे साहिबान की अगुवाई में भव्य मोहल्ला निकाला जाएगा।
भाई चावला ने गुलाल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए कहा कि निहंग सिंह संगठनों के अलावा किसी और को गुलाल फेंकने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और जिला प्रशासन को इस पर सख्ती से नियम लागू करने चाहिए, ताकि मेले की धार्मिक मर्यादा बनी रहे।


