मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) बोर्ड की 12वीं बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में “विदेशी भाषा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना” को मंजूरी दी गई। यह योजना उन युवा प्रतिभाओं के लिए एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जो अंतर्राष्ट्रीय जॉब मार्केट में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
क्या है योजना का उद्देश्य?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यबल बनाना है, ताकि वे विदेशी कंपनियों, संस्थानों और वैश्विक नौकरियों में प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हो सकें।
योजना से होंगे ये लाभ:
चयनित युवाओं को विदेशी भाषाएँ सीखने में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रशिक्षण पूरा करने पर एक निर्धारित सीमा तक प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) मिलेगी।
युवाओं को विदेशों में रोजगार, स्किल्ड जॉब्स और इंटरनेशनल इंटर्नशिप के लिए बेहतर तैयार किया जाएगा।
वैश्विक मांग के अनुरूप हरियाणा के युवा अधिक दक्ष और रोजगार योग्य बनेंगे।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि यह योजना हरियाणा सरकार की युवा-केंद्रित नीतियों को नई दिशा देगी और राज्य के हजारों युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के दरवाजे खोलने में सहायक सिद्ध होगी।
युवाओं और अभिभावकों ने सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम हरियाणा के प्रतिभाशाली युवाओं को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
युवाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दरवाजे खुले!
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में HKRN बोर्ड की 12वीं बैठक में बड़ा फैसला।
प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय अवसरों के अनुरूप कार्यबल विकसित करने के लिए "विदेशी भाषा सहायता एवं प्रतिपूर्ति योजना" को स्वीकृति। #Haryana pic.twitter.com/NpIELYJjdR
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 4, 2025


