मोहाली के हथियारपुर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मॉडल संस्थान बनाने की घोषणा की गई है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने औचक निरीक्षण के दौरान डीपीआर बनाने, स्मार्ट क्लासरूम, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और 15 लाख रुपये से खेल मैदान अपग्रेड के निर्देश दिए।
पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के अभियान के तहत शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने एसएएस नगर (मोहाली) के गांव हथियारपुर स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की मौजूदा स्थिति पर असंतोष जताते हुए इसे एक आदर्श (मॉडल) शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल के संपूर्ण आधुनिकीकरण के लिए एक सप्ताह के भीतर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाए। उन्होंने कक्षाओं की खराब हालत और पेंटिंग की जरूरत पर नाराजगी जाहिर करते हुए तुरंत माध्यमिक शिक्षा निदेशक से बात की और एक निरीक्षण टीम गठित करने के आदेश दिए, ताकि स्कूल की जरूरतों का आकलन कर तेजी से काम शुरू किया जा सके।
बैंस ने स्कूल में मरम्मत और नवीनीकरण कार्य, आईसीटी आधारित स्मार्ट क्लासरूम बनाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और छात्रों को नए यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल प्रबंधन को सलाह दी कि विद्यार्थियों की बनाई गई कलाकृतियों को गलियारों में प्रदर्शित किया जाए, ताकि बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा मिले और स्कूल का माहौल और सकारात्मक बने।
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने छात्रों से सीधे बातचीत की और पढ़ाई व सुविधाओं को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने छात्रों को जीवन में बड़े लक्ष्य तय करने, मेहनत करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
स्कूल के प्रिंसिपल ने मंत्री को बताया कि खेल मैदान को 15 लाख रुपये की ग्रांट से अपग्रेड किया जा रहा है। इस पर बैंस ने निर्देश दिया कि शाम के समय यह मैदान आसपास के बच्चों के लिए भी खोला जाए, ताकि स्थानीय समुदाय को भी इसका लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और तेज क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे अपनी जरूरतों की सूची निरीक्षण टीम को सौंपें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे खुद इस अपग्रेडेशन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों को भी बेहतरीन निजी स्कूलों के स्तर तक पहुंचाया जाए।


