चंडीगढ़। जल संरक्षण को बढ़ावा देकर कृषि को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की “प्रत्येक बूँद से अधिक पैदावार” की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू कर रही है। इसी क्रम में राज्य में किसानों को सूक्ष्म सिंचाई अपनाने के लिए आकर्षक अनुदान प्रदान किया जा रहा है।
राज्य सरकार द्वारा हरियाणा में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि हो सके। यह योजना खासकर जल संकट और गिरते भूजल स्तर की चुनौती से निपटने में सहायक साबित हो रही है।
इसके अलावा भूमिगत पाइपलाइन योजना के तहत किसानों को ₹10,000 प्रति एकड़ की दर से अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें अधिकतम ₹60,000 प्रति किसान की सहायता राशि निर्धारित की गई है। इस योजना से सिंचाई व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी और खेतों तक पानी की बेहतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इन योजनाओं से किसानों की लागत कम होगी, जल का संरक्षण होगा और कृषि उत्पादन में सतत वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।


