महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर हरियाणा विधान सभा में राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरियाणा विधान सभा अध्यक्ष श्री हरविन्द्र कल्याण ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग, संस्कार और स्वस्थ जीवनशैली को विकसित भारत के निर्माण की नींव बताया। उन्होंने कहा कि यदि हर घर में योग, हर घर में योगशाला और हर घर में संस्कार हों, तभी हम सभी मिलकर वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने में अपना सार्थक योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और प्रतिभागियों ने नेताजी के जीवन, उनके त्याग और राष्ट्रभक्ति को स्मरण किया। अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें अनुशासन, साहस और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त समाज ही राष्ट्र को आगे बढ़ा सकता है, और योग इस सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम है।
अपने संबोधन में विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है। सूर्य नमस्कार शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग को यदि दैनिक जीवन का हिस्सा बना लिया जाए, तो अनेक शारीरिक और मानसिक समस्याओं से बचा जा सकता है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से योग को अपनाने का आह्वान किया, ताकि वे स्वस्थ और सकारात्मक सोच के साथ राष्ट्र निर्माण में भागीदारी निभा सकें।
हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि हरियाणा सरकार योग और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश में योगशालाओं की स्थापना, योग प्रशिक्षण कार्यक्रम और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से आमजन को योग से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों से समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आने वाली पीढ़ियां अधिक सशक्त बनेंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि सूर्य नमस्कार जैसे आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं, बल्कि समाज में एकता और अनुशासन की भावना भी विकसित करते हैं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से सूर्य नमस्कार किया और योग को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक स्वस्थ, अनुशासित और संस्कारवान होगा। उन्होंने कहा कि योग और संस्कार हमारी प्राचीन विरासत हैं और इन्हें आधुनिक जीवनशैली के साथ जोड़कर हम एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को नमन करते हुए सभी ने उनके आदर्शों पर चलने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। राज्य स्तरीय सूर्य नमस्कार कार्यक्रम ने स्वास्थ्य, योग और राष्ट्र निर्माण के संदेश को और अधिक सशक्त किया।


